राम मंदिर फैसले के बाद काजी ने की मांग, कहा- मंदिर की तरह ही केंद्र सरकार मस्जिद……….

अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के बहुप्रतीक्षित फैसले का उत्तर प्रदेश में झांसी में सभी समुदायों ने स्वागत किया है। मुस्लिम समुदाय ने फैसले पर खुशी जतायी है और शहर काजी ने मांग की है कि राम मंदिर की तर

झांसी। अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के बहुप्रतीक्षित फैसले का उत्तर प्रदेश में झांसी में सभी समुदायों ने स्वागत किया है। मुस्लिम समुदाय ने फैसले पर खुशी जतायी है और शहर काजी ने मांग की है कि राम मंदिर की तरह ही केंद्र सरकार मस्जिद के लिए भी ट्रस्ट बनाये और उसका संचालन भी करे।

शहर काजी मुफ्ती साबिर कासिमी ने शनिवार को “ यूनीवार्ता ” से बातचीत में कहा “ सुप्रीम कोर्ट का फैसला आदरणीय है और खुशी से मंजूर है। इस फैसले से इतना पुराना विवाद अब खत्म हो गया है ,देश में अमन चैन कायम रहेगा। ”

साथ ही साथ उन्होंने यह मांग भी की कि हमें इस फैसले से किसी तरह अलग नहीं समझा जाएं और जिस तरह से राममंदिर के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनायेगी और उसका संचालन करेगी ,उसी तरह मस्जिद के लिए भी सरकार ट्रस्ट बनाये और उसका संचालन अपने नियंत्रण में रखे।

शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान नदवी ने भी उच्चतम न्यायालय के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुस्लिम कौम हमेशा अमन पसंद करती है सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत है । आपस की नफरतें समाप्त करें, धर्म को धर्म को धर्म की तरह लें ,आपसी मतभेद कदापि न पनपने दें और सभी लोग शांति का परिचय दें।

दूसरी ओर नगर धर्माचार्य हरिओम पाठक ने कहा कि आज इस फैसले से देश के करोड़ों लोगों की आस्था की जीत हुई है। देश में नये सौहार्द की मिसाल कायम हुई है, आज हिंदू और मुस्लिम मिलकर सुप्रीम कोर्ट के जजों की एक स्वर में प्रशंसा करते नजर आ रहे हैं। यह भारतीय लाेकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है।

विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री अंचल अडजरिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज जो राम जन्मभूमि के संदर्भ में ऐतिहासिक फैसला दिया है, वह विश्व का सबसे लंबे चलने वाले मुकदमे का फैसला है जिसने प्रभु राम जन्मभूमि पर भव्य दिव्य मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त किया है।

यह निर्णय नव राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा, साथ ही भारत को विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर करेगा संपूर्ण विश्व की निगाह इस फैसले पर टिकी हुई थी। निश्चित रूप से यह फैसला हम सभी के लिए गौरवशाली है जब विश्व हिंदू परिषद ने राम जन्मभूमि के आंदोलन को अपने हाथ में लिया था तब अनेकों लोगों ने हमारा मजाक उड़ाया था परंतु हम सच की लड़ाई लड़ते हैं जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित किया गया है हम सभी भारतीयों को अपनी न्याय व्यवस्था पर गर्व है।

झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग शर्मा ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इस निर्णय ने साबित कर दिया है कि लोकतंत्र के मंदिर और न्याय के मंदिर के रूप में उच्चतम न्यायालय आज भी देश में जनता के हितों को लेकर सही निर्णय देता है। यह ऐसा फैसला है जिसमें सभी पक्षों को संतुष्ट करने की कोशिश की गयी है। झांसी की जनता इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट है।

जनता का मानना है कम से कम सत्तर साल बाद अब इस मुद्दे पर देश में बंटवारे की बात ,किसी समुदाय विशेष को उत्तेजित करने जैसी बात तो खत्म हुई । अब आगे विकास की बात और उससे जुड़े मुद्दों पर काम होगा। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद डा़ चंद्रपाल सिंह यादव ने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर किसी तरह की टिप्प्णी करने से बचत हुए दबी जुबान में ही सही लेकिन फैसले पर नाखुशी जाहिर की।

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